रायपुर/पीयूष मिश्रा /9229629214
इंट्रो:
टीवी की दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाली स्मृति ईरानी… एक ऐसा नाम, जिसने भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। कभी अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़कर चर्चा में आईं, तो कभी केंद्र सरकार में अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। 2019 में अमेठी से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली स्मृति ईरानी को 2024 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। आइए जानते हैं, कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर।
1: राजनीति में एंट्री
स्मृति ईरानी ने साल 2003 में भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। साल 2004 में उन्हें बीजेपी महाराष्ट्र युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद पार्टी संगठन में उनका कद लगातार बढ़ता गया।
2: पार्टी संगठन से राज्यसभा तक
साल 2010 में स्मृति ईरानी बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव बनीं और पार्टी के महिला मोर्चे में भी राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद साल 2011 में वे गुजरात से राज्यसभा सांसद चुनी गईं। इस तरह राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और मजबूत होती चली गई।
3: 2014 में राहुल गांधी को चुनौती
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने स्मृति ईरानी को उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से राहुल गांधी के खिलाफ मैदान में उतारा। इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद मोदी सरकार में उन्हें मानव संसाधन विकास यानी HRD मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।
4: केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारियां
साल 2016 में स्मृति ईरानी को कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। वहीं, साल 2017 में उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला। केंद्र सरकार में लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने से उनका राजनीतिक कद और बढ़ा।
5: 2019 में अमेठी की ऐतिहासिक जीत
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी एक बार फिर अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरीं। इस बार उन्होंने राहुल गांधी को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया और अमेठी से लोकसभा पहुंचीं। उनकी इस जीत को देश की सबसे चर्चित चुनावी लड़ाइयों में गिना गया।
6: 2024 में मिली हार
हालांकि, साल 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी की तस्वीर बदल गई। स्मृति ईरानी को कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। 2019 में जिस अमेठी सीट पर उन्होंने जीत दर्ज की थी, उसी सीट पर पांच साल बाद उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
टीवी की दुनिया से राजनीति तक का सफर, पार्टी संगठन में अहम पद, केंद्र सरकार में मंत्री पद और अमेठी की ऐतिहासिक जीत… स्मृति ईरानी का राजनीतिक करियर कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में भारतीय राजनीति में उनकी अगली भूमिका क्या होती है।और छत्तीसगढ़ प्रभारी बतौर क्या किरदार वो निभाती हैं।