दिल्ली। छत्तीसगढ़ में ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान हैं। रायपुर-दुर्ग और रायपुर-बिलासपुर रूट पर ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। इसका असर नौकरीपेशा लोगों से लेकर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के शेड्यूल पर पड़ रहा है।
हालात ऐसे हैं कि कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत को भी रायपुर स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में करीब आधे घंटे तक खड़ा रहना पड़ा। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर बैठने के लिए कुर्सी तक उपलब्ध नहीं थी।
सांसद को भी करना पड़ा इंतजार
मंगलवार को सांसद ज्योत्सना महंत रायपुर से पेंड्रारोड जाने के लिए दोपहर 12:50 बजे निर्धारित दुर्ग-उधमपुर सुपरफास्ट ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंचीं।
वे दोपहर 12:45 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 5/6 पर पहुंच गई थीं, लेकिन ट्रेन तय समय पर नहीं आई। ट्रेन दोपहर 1:21 बजे पहुंची। इस दौरान उन्हें प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा। बाद में पास के फूड स्टॉल से कुर्सी मंगवाकर उनके बैठने की व्यवस्था की गई।
37 किमी के सफर में लग रहे 2 से 3 घंटे
रायपुर से दुर्ग की दूरी करीब 37 किलोमीटर है, लेकिन ट्रेनों की सुस्त रफ्तार और देरी के कारण यात्रियों को इस सफर में दो से तीन घंटे तक लग रहे हैं। सुबह 7:30 बजे रायपुर से चलने वाली मेमू को निर्धारित समय के अनुसार 8:50 बजे दुर्ग पहुंचना होता है।
लेकिन 20 अक्टूबर को यह ट्रेन सुबह 10:24 बजे पहुंची, यानी करीब 1 घंटा 34 मिनट की देरी हुई। इसके बाद भी कई दिनों तक ट्रेन देर से पहुंचती रही।
रायपुर-बिलासपुर रूट पर भी परेशानी
रायपुर से बिलासपुर की करीब 110 किलोमीटर की दूरी तय करने में भी यात्रियों को तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं। यात्री अजय कौशिक के मुताबिक, वे दोपहर 2:50 बजे बिलासपुर जाने के लिए स्टेशन पहुंचे थे।
ट्रेन 3:56 बजे आई और बिलासपुर शाम 7:34 बजे पहुंची, जबकि निर्धारित समय 5:45 बजे था। इससे यात्रियों का समय और जरूरी काम दोनों प्रभावित हो रहे हैं।