पीयूष मिश्रा / 9229629214
ईशान वैष्णव बने युवा प्रदेश अध्यक्ष, 1935 में स्थापित ऐतिहासिक सामाजिक संगठन ने सौंपी नई जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ के सबसे प्राचीन सामाजिक संगठनों में शामिल छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा ने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रज्ञा निर्वाणी को प्रदेश महिला अध्यक्ष तथा ईशान वैष्णव को युवा प्रदेश अध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया है,महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दाऊ सुरेंद्र दास ने दूधाधारी मठ के महंत रामसुंदर दास की सहमति से ये मनोनयन किए,राजनांदगांव में आयोजित गरिमामयी सम्मेलन के अवसर पर महासभा के महासचिव महेंद्र वैष्णव के हस्ताक्षर से नियुक्ति पत्र जारी किए गए।
छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा का गठन वर्ष 1935 में ग्राम नवागांव के मालगुजार सीताराम दास के प्रयासों से हुआ था,महासभा के इतिहास में वैष्णव समाज के महंतों, राजे-रजवाड़ों और मालगुजारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है,उस दौर में समाज की एकता, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक समन्वय के उद्देश्य से प्रदेशभर के प्रतिनिधियों का तीन दिवसीय अधिवेशन आयोजित किया गया था,दशकों से यह संगठन वैष्णव समाज की परंपराओं, सामाजिक एकजुटता और संगठनात्मक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है।
प्रज्ञा निर्वाणी के अनुभव से महिला नेतृत्व को मिलेगी नई दिशा
प्रज्ञा निर्वाणी सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रही हैं,वे जनपद पंचायत बेमेतरा की अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। वर्तमान में वे भाजपा जिला महिला मोर्चा, बेमेतरा की अध्यक्ष हैं,उनके अनुभव और संगठनात्मक सक्रियता को देखते हुए महासभा में प्रदेश महिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दिया जाना महिला नेतृत्व को नई ऊर्जा देने वाला कदम माना जा रहा है।
नवनियुक्त प्रदेश महिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी ने महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों, संत-महंतों और समाज के वरिष्ठजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली संगठन में प्रदेश महिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है,मैं इस विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगी,वैष्णव समाज की महिलाओं को संगठित करना, उन्हें सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ाना, युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना तथा समाज में शिक्षा, संस्कार, सेवा और समरसता को प्रोत्साहित करना मेरी प्राथमिकता रहेगी,मैं संतों, महंतों और समाज के वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन में सभी को साथ लेकर कार्य करूंगी।”
प्रदेश अध्यक्ष दाऊ सुरेंद्र दास ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब महिलाओं और युवाओं को संगठन में सक्रिय भागीदारी मिले तथा समाज की गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।
प्रज्ञा निर्वाणी की नियुक्ति पर छुईखदान रियासत के राजा गिरिराज किशोर दास, देवराज दास, लाल जे.के. वैष्णव, राजनादगांव जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवकुमार बालादास निर्वाणी, राजगामी संपदा के उपाध्यक्ष मनोज निर्वाणी, पूर्व युवा अध्यक्ष प्रतुल वैष्णव, कोषाध्यक्ष लाल बंधु वैष्णव, इंद्र कुमार दास, डॉ. रामकुमार वैष्णव, संध्या रामावत, अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण संघ के युवा अध्यक्ष राघवेंद्र दास, दुष्यंत दास, निर्मल दास, दिनेश शास्त्री, योगमाया चंदोलकर सहित अनेक गणमान्यजनों ने अपनी शुभकामनाएं दीं।
इसके साथ ही संत समाज के महंत हरिशंकर दास नागा,महंत नरेंद्र दास पाड़ादाह ,नर्मदा कुंड के महंत सुरेंद्र दास, डोंगरगढ़ के महंत श्याम दास तथा महंत राधेश्याम दास सहित प्रदेशभर के संतों, महंतों और समाजजनों ने इस मनोनयन का स्वागत करते हुए दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों के सफल कार्यकाल की कामना की..