रायपुर / पीयूष मिश्रा / 9229629214
दी गवर्नमेंट एम्प्लॉई हाउसिंग कोऑपरेटिव संस्था एक बार फिर विवादों में है। संस्था के प्राधिकृत अधिकारी संजय नामपल्लीवार पर कथित भ्रष्टाचार और लाखों रुपये की हेराफेरी के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने, आरोप सिद्ध होने पर दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है। वहीं, मामले में उप रजिस्ट्रार की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
दी गवर्नमेंट एम्प्लॉई हाउसिंग कोऑपरेटिव संस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। संस्था के प्राधिकृत अधिकारी संजय नामपल्लीवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की जा रही है।
आरोप है कि संस्था में लाखों रुपये की हेराफेरी की गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में मांग उठ रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाला जाए और यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
इस पूरे मामले में उप रजिस्ट्रार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने संरक्षण दिए जाने की आशंका जताई है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष और किसी भी तरह के संरक्षण के दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी आवश्यक है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी? क्या संस्था के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर कथित अनियमितताओं का खुलासा किया जाएगा? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी?
फिलहाल, इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते ह ।
